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चक्रवाती तूफान ‘यास’ से ओडिशा और बंगाल 4 की मौत, 20 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया


 


 पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चक्रवाती तूफान ‘यास’ के कारण कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं. ‘ताउते’ के बाद एक सप्ताह के भीतर देश के तटों से टकराने वाला ‘यास’ दूसरा चक्रवाती तूफान है.


चक्रवाती तूफान ‘यास’ के 130-145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ बुधवार को देश के पूर्वी तटों से टकराने के बाद भारी बारिश हुई. इससे कई मकान क्षतिग्रस्त हो गये. अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा में तीन और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हुयी है.




चक्रवात के कारण ओडिशा के धामरा बंदरगाह के पास निचली इलकों में पानी भर गया. इन इलाकों से 20 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. अपराह्र में तटों से टकराने के बाद तूफान कमजोर पड़ गया था.



बंगाल सरकार ने दावा किया है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं. ‘ताउते’ के बाद एक सप्ताह के भीतर देश के तटों से टकराने वाला ‘यास’ दूसरा चक्रवाती तूफान है.



ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी के जेना ने बताया कि बालासोर जिले के बहनागा और रेमुना ब्लॉक और भद्रक जिले के धामरा और बासुदेवपुर के कई गांवों में समुद्री पानी घुस गया.



उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय लोगों की मदद से गांवों से पानी निकालने के वास्ते कदम उठा रहा है. जेना ने कहा कि मयूरभंज जिले के सिमलिपाल राष्ट्रीय उद्यान में भारी बारिश के कारण बुधबलंग नदी में अचानक बाढ़ आने की आशंका जताई है. दोपहर में नदी का जलस्तर 27 मीटर के खतरे के स्तर के मुकाबले 21 मीटर पर था.



उन्होंने कहा कि मयूरभंज जिला प्रशासन ने नदी के दोनों तरफ स्थित कुछ इलाकों और बारीपदा शहर के कुछ निचली इलाकों को खाली कराना शुरू कर दिया है.



जेना ने कहा कि तार कटने के बाद जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और जाजपुर जिले में कुछ जगहों पर बिजली लाइनों की मरम्मत का काम शुरू हो गया है. उन्होंने बताया कि इन जिलों में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है.



स्थानीय सूत्रों ने बताया कि केनोझर और बालासोर में पेड़ गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई लेकिन इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है. मयूरभंज में एक और बुजुर्ग महिला की घर गिरने से मौत हो गई.



जेना ने बताया कि शाम तक हवा की गति धीमी हो जाएगी और आधी रात तक चक्रवात ओडिशा से झारखंड की ओर बढ़ जायेगा. ओडिशा के संवेदनशील क्षेत्रों से 5.8 लाख लोगों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया गया है और पश्चिम बंगाल में 15 लाख लोगों को शरणस्थलों पर पहुंचाया गया है.

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